क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपने 5 साल पहले किसी स्टॉक में सिर्फ 10,000 रुपये लगाए होते और वो आज 83 लाख रुपये हो जाते? ये कोई सपना नहीं, बल्कि RMC Switchgears Ltd के शेयरहोल्डर्स की असल कहानी है। एक ऐसा माइक्रो-कैप स्टॉक जिसने बीते 5 सालों में 8,297% से ज्यादा का रिटर्न देकर इन्वेस्टर्स को हैरान कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सफर आगे भी जारी रहेगा?

RMC Switchgears का शानदार परफॉर्मेंस
RMC Switchgears का शेयर प्राइस 8 अक्टूबर, 2020 को महज 8.80 रुपये प्रति शेयर था, जो 3 अक्टूबर, 2025 तक 739 रुपये पर पहुंच गया। इसका मतलब है लगभग 8,297.73% का शानदार रिटर्न। सीधे शब्दों में समझें तो अगर किसी ने 5 साल पहले 1 लाख रुपये इन्वेस्ट किए होते तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर लगभग 83.98 लाख रुपये हो गई होती। हालांकि, पिछले एक साल में स्टॉक ने 11.44% का नेगेटिव रिटर्न दिया है और यह अपने 52-वीक हाई 1,214 रुपये से 39.12% नीचे ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैपिलाइजेशन अभी 777.93 करोड़ रुपये है।
क्या है RMC Switchgears का बिजनेस?
RMC Switchgears Limited की शुरुआत 1994 में RFH Metal Casting Private Limited के नाम से हुई थी। Mr. Ashok Agarwal द्वारा प्रमोटेड यह कंपनी 2008 में पब्लिक कंपनी बनी और 2016 में इसने अपना नाम बदलकर RMC Switchgears Ltd कर लिया। कंपनी 2017 में BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई। यह राजस्थान स्थित कंपनी मुख्य रूप से स्मार्ट मीटर्स, LT/HT डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स, पैनल्स, जंक्शन बॉक्स और सर्किट प्रोटेक्शन स्विचगियर्स को डिजाइन और मैन्युफैक्चर करने का काम करती है।
साथ ही यह ट्रांसमिशन लाइन्स और सबस्टेशन्स के लिए EPC कॉन्ट्रैक्ट्स भी एक्जीक्यूट करती है। हाल के सालों में कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी डायवर्सिफाई किया है और इसके लिए चार सब्सिडियरीज बनाई हैं – Intelligent Hydel Solutions Private Limited, RMC Green Energy Private Limited, RMC Solar Park Private Limited और RMC Solar One Private Limited।
कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को समझने के लिए उसका ऑर्डर बुक सबसे अहम फैक्टर है। 1 जून, 2025 तक कंपनी के पास लगभग ₹1,035.47 करोड़ का अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक है, जो उसके FY25 के रेवेन्यू से करीब 3.25 गुना ज्यादा है। इससे कंपनी को आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिलती दिख रही है।
इस ऑर्डर बुक का एक बड़ा हिस्सा (लगभग ₹545.84 करोड़) महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Ltd से आया है। ये ऑर्डर्स 12-16 महीने में कंप्लीट होने की उम्मीद है और कुछ ऑर्डर्स में 3-25 साल के ऑपरेशन और मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स भी शामिल हैं, जो कंपनी को लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी प्रोवाइड करते हैं।
रेवेन्यू सेगमेंटेशन और फ्यूचर आउटलुक
कंपनी का बिजनेस मुख्य रूप से चार सेगमेंट में बंटा हुआ है:
इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स: FY25 में इस सेगमेंट ने 60.84 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो कुल रेवेन्यू का 19.24% है। इसमें स्मार्ट मीटर एन्क्लोजर, फीडर पिलर, डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और इलेक्ट्रिकल पैनल जैसे प्रोडक्ट्स आते हैं। इस सेगमेंट के EBITDA मार्जिन 10-15% के बीच रहते हैं। FY26 तक इसके कुल रेवेन्यू में 10% तक कंट्रीब्यूट करने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिकल EPC: FY25 में यह सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर रहा, जिसने 253.72 करोड़ रुपये (80.21%) का रेवेन्यू कमाया। इस सेगमेंट में हाई मार्जिन (20-25% EBITDA) की संभावना है और FY26 में इसके 30% रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन की उम्मीद है।
सोलर EPC: FY25 में यह सेगमेंट छोटा रहा (1.74 करोड़ रुपये, 0.55%), लेकिन FY26 तक इसके 45% रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके मार्जिन 10-15% EBITDA के बीच रह सकते हैं।
सोलर प्रोडक्ट्स: FY26 तक इस सेगमेंट के 15% रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन की उम्मीद है, जिसमें 15-18% EBITDA मार्जिन रह सकता है।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स
कंपनी के फाइनेंशियल्स इंप्रेसिव रहे हैं। H2 FY25 में कंपनी ने 212 करोड़ रुपये का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जो H1 FY25 के 105 करोड़ रुपये से 101.90% ज्यादा है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 33 करोड़ रुपये रहा, जो H1 FY25 के 20 करोड़ रुपये से 65% ज्यादा है। नेट प्रॉफिट 21 करोड़ रुपये रहा, जो H1 FY25 के 10 करोड़ रुपये से 110% ज्यादा है।
पिछले 5 सालों में कंपनी का रेवेन्यू 40% CAGR और नेट प्रॉफिट 149% CAGR से बढ़ा है। कंपनी का ROCE 37.2% और ROE 37.5% है, जबकि डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.55x है जो हेल्दी फाइनेंशियल पोजीशन दिखाता है।









